30 सितंबर 2010

शक्तिशाली कौन ?

ये बात आज से चार साल पहले की है , आज भी
डायरी में पढ कर एसा लगता कि उस समय शायद
किसी बुद्धीजीवी की आत्मा प्रवेश कर गयी थी..............
आप भी बुद्धीजीवी के विचारओं का आन्नंद लें


" आज मैं सोच रहा था कि नियम क्या होते हैं?
नियमों में बंधा व्यक्ति या समूह ही सफ़लता प्राप्त
कर पाता है । शायद इन्सान जो नियम बनाता
है प्रकृति उसे तोड्ने की कोशिश करती है लेकिन
जीत हमेशा शक्तिशाली की होती है। इच्छाशक्ति
यदि प्रकृति को पराजित कर सकती है ,तो कभी
या ज्यादातर, हार भी सकती है। परन्तु सफ़ल
या महान वही कहलाते हैं जो अपने नियमों पर
चलते हैं। लेकिन फ़िर भी कुछ सवाल रह जाते
हैं जैसे "
क्या नियमों का टूट्ना अथवा प्रकृति की
बाधाओं द्वारा इच्छाशक्ति का हार जाना नियमों के
बनने से जुडा होता है ?
बाधओं के आगे हार जाना अपने रास्ते चलने या
नहीं चलने के ऊपर होता है ?
यह निर्णय किसके द्वारा संचालित होता है , प्रकृति
के द्वारा अथवा अपनी इच्छाशक्ति के द्वारा ?
हम ये निर्णय लेने के लिये स्वतंत्र हैं या नहीं ?

5 टिप्‍पणियां:

दुधवा लाइव ने कहा…
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उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा…
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Surendra Singh Bhamboo ने कहा…
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अजय कुमार ने कहा…
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संगीता पुरी ने कहा…
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